सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में दावा किया जा रहा है कि छठ पूजा के मौके पर केंद्र सरकार स्प्लेंडर बाइक मुफ्त में दे रही है, और इसके लिए एक लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा।
लेकिन विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह फर्जी, भ्रामक, और एडिटेड वीडियो पर आधारित पाया गया है।
सरकार की ओर से मुफ्त स्प्लेंडर बाइक देने जैसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया जा रहा है?
इंस्टाग्राम यूजर “bhartisarkari7” ने 27 अक्टूबर 2025 को एक वीडियो शेयर किया।
क्लिप में दावा किया गया कि:
“छठ पूजा पर विशेष ऑफर: मुफ्त स्प्लेंडर बाइक। लिंक पर क्लिक करके रजिस्टर करें।”
वीडियो में ऐसा दिखाया गया है जैसे PM मोदी खुद मंच से यह घोषणा कर रहे हों।
इस दावे को लाखों यूजर्स सच मानकर शेयर कर रहे हैं।
फैक्ट-चेक कैसे किया गया?
1. वीडियो के ऑडियो-वीडियो में मैच नहीं था
जैसे ही वायरल वीडियो को ध्यान से जांचा गया, सबसे पहले ये साफ दिखा कि:
- PM मोदी के होंठों की हरकत
- और वीडियो में सुनी जा रही आवाज
आपस में मेल नहीं खा रहे थे।
यही बात शक पैदा करती है कि ऑडियो बाद में जोड़ा गया है।
2. असली वीडियो गोरखपुर का है और 2019 का है
वायरल क्लिप के कीफ्रेम्स निकालकर Google Reverse Image Search किया गया।
हमें यह वीडियो PMO इंडिया के आधिकारिक YouTube चैनल पर मिला, जो:
- 24 फरवरी 2019
- गोरखपुर
- PM किसान सम्मान निधि योजना लॉन्च कार्यक्रम
का असली वीडियो है।
पूरे भाषण में कहीं भी “मुफ्त स्प्लेंडर बाइक” या “छठ पूजा पर बाइक देने” जैसी कोई बात नहीं कही गई है।
3. सरकार की वेबसाइट पर ऐसी कोई योजना नहीं
myscheme.gov.in, जो भारत सरकार की सभी योजनाओं का केंद्रीय पोर्टल है, वहाँ भी:
❌ मुफ्त स्प्लेंडर बाइक
❌ छठ पूजा ऑफर
❌ आधार कार्ड/मोबाइल नंबर पर बाइक
जैसी कोई योजना नहीं पाई गई।
4. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने लिंक को फर्जी बताया
विश्वास न्यूज ने साइबर एक्सपर्ट और राजस्थान सरकार के पूर्व आईटी कंसल्टेंट आयुष भारद्वाज से वायरल लिंक की जांच करवाई।
उन्होंने कहा—
“लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर से नाम, मोबाइल नंबर और अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है।
ऐसे लिंक आपके डेटा को चोरी कर सकते हैं और फोन को क्लोन भी कर सकते हैं।
इससे वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है।”
यानी लिंक पूरी तरह असुरक्षित और स्कैम है।
5. ऑडियो एडिटेड है लेकिन AI होने की पुष्टि नहीं
AI डिटेक्शन टूल्स से ऑडियो की जांच की गई लेकिन ऑडियो AI से बना है यह पुष्टि नहीं हुई।
एडिटिंग विशेषज्ञों ने कहा कि आवाज किसी मिमिक्री आर्टिस्ट द्वारा रिकॉर्ड की गई लगती है, जिसे असली वीडियो पर जोड़ दिया गया।
भले ही आवाज AI हो या मिमिक्री, ऑडियो पूरी तरह असली वीडियो का हिस्सा नहीं है।
6. वायरल वीडियो पोस्ट करने वाला अकाउंट भी संदिग्ध
पड़ताल में पाया गया कि:
- यूजर bhartisarkari7 के 72,000 फॉलोअर्स हैं
- उसकी प्रोफ़ाइल पर अक्सर सरकारी योजनाओं से जुड़े भ्रामक और संदिग्ध कंटेंट पोस्ट किए जाते हैं
निष्कर्ष
विश्वास न्यूज की विस्तृत जांच में निम्न बातें सामने आईं:
✔ वायरल दावा झूठा है
✔ केंद्र सरकार ने कभी भी छठ पूजा पर मुफ्त स्प्लेंडर बाइक देने की घोषणा नहीं की
✔ वीडियो एडिटेड, छेड़छाड़ किया हुआ, और गलत ऑडियो पर आधारित है
✔ वायरल लिंक फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है, जो आपकी निजी जानकारी चोरी कर सकती है
✔ ऐसे लिंक वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बन सकते हैं
लोगों को सलाह है कि ऐसे किसी भी वायरल दावे या संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें।
किसी भी सरकारी योजना की जानकारी हमेशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत स्रोत से ही चेक करें।








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