सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि राशन कार्ड वाले लोगों को हर महीने 5000 रुपये दिए जाएंगे, और इस योजना के लिए एक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरने को कहा जा रहा है।
यह दावा पूरी तरह गलत, भ्रम फैलाने वाला, और फेक वीडियो पर आधारित है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला है कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल पीएम मोदी की क्लिप तीन साल पुराने भाषण से ली गई है और इसे एडिट करके गलत दावा जोड़ दिया गया है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया है?
10 नवंबर को “Singh Sahab” नाम के एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो शेयर किया।
वीडियो में एक एंकर कहता है कि:
“राशन कार्ड वालों को हर महीने 5000 रुपये मिलेंगे। फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट पर जाएं।”
वीडियो के साथ पीएम मोदी की एक पुरानी क्लिप भी जोड़कर दिखाया गया ताकि दावा असली लगे।
कई यूजर्स ने इसे सच मानकर शेयर कर दिया।
जांच कैसे की गई?
1. पीएम मोदी की क्लिप कहाँ की है?
वायरल वीडियो में इस्तेमाल क्लिप के कई फ्रेम निकालकर सर्च किया गया।
जांच में पता चला कि यह वीडियो:
- 31 मई 2022
- शिमला, हिमाचल प्रदेश
- गरीब कल्याण सम्मेलन
का है, जहाँ पीएम मोदी ने किसानों को मिलने वाली सरकारी मदद के बारे में बताया था।
इस भाषण में उन्होंने सिर्फ किसानों को मिलने वाली PM-Kisan सहायता राशि का जिक्र किया।
कहीं भी राशन कार्ड वालों को 5000 रुपये देने की बात नहीं कही।
2. एंकर वाला हिस्सा फर्जी और AI से बनाया हुआ
वीडियो में दिखाई जाने वाली एंकर की क्लिप के भी फ्रेम निकाले गए।
उन्हें AI डिटेक्शन टूल (Hive Moderation) से चेक किया गया, और रिजल्ट में यह सामने आया कि:
✔ यह एंकर 99% AI से बनाई गई है
✔ मतलब वीडियो में असली एंकर मौजूद नहीं, बल्कि कंप्यूटर-जनरेटेड विजुअल है
✔ दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है
3. क्या वाकई ऐसी सरकारी योजना है?
भारत सरकार की आधिकारिक स्कीम वेबसाइट — myscheme.gov.in — पर चेक किया गया।
वहाँ भी ऐसी किसी योजना का कोई जिक्र नहीं मिला।
✔ कोई सरकारी योजना नहीं
✔ कोई घोषणा नहीं
✔ दावा 100% फेक
4. साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी
साइबर विशेषज्ञ चातक वाजपेयी ने बताया कि:
- ऐसे फर्जी वीडियो बनाकर लोगों से मोबाइल नंबर,
- आधार नंबर,
- राशन कार्ड विवरण
- और जन्मतिथि
जैसी निजी जानकारी ले ली जाती है।
इन सूचनाओं का बाद में स्कैम यानी धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने साफ कहा:
“ऐसी स्कीम्स के नाम पर किसी भी लिंक या वेबसाइट पर भरोसा न करें।”
5. पोस्ट करने वाला यूजर भी संदिग्ध
जांच में पता चला कि:
- वायरल वीडियो पोस्ट करने वाला व्यक्ति राजस्थान के कोटा का रहने वाला है
- उसकी प्रोफाइल पर कई और AI से बने फर्जी वीडियो भी मिले
यह स्पष्ट संकेत है कि यूजर लगातार फेक कंटेंट बनाता और फैलाता रहा है।
निष्कर्ष
विश्वास न्यूज की फैक्ट-चेक में ये बातें सामने आईं:
✔ वायरल वीडियो के लिए पीएम मोदी के पुराने भाषण का ग़लत तरीके से उपयोग किया गया
✔ राशन कार्ड वालों को 5000 रुपये देने जैसी कोई सरकारी योजना नहीं है
✔ वीडियो में दिखाया गया एंकर AI से बनाया गया फेक वीडियो है
✔ पूरा दावा झूठा, गलत और जनता को भ्रमित करने वाला है








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